Monthly Archives: December 2017

न घास डालें, न गुलाबजामुन परोसें

हममें से बहुत बड़ी संख्या में लोग हैं जो मानसिक स्तर पर इतने अधिक संवेदनशील और धीर-गंभीर हैं कि हमारे बारे में कोई भी थोड़ा-बहुत कुछ भी कह दे तो हम  तनावग्रस्त होकर परेशान हो जाते हैं और घण्टों व कई-कई दिनों से लेकर महीनों तक यही सोचते रहते हैं कि आखिर ऎसा क्यों कहा, किस कारण से कहा होगा ... Read More »

भला करे इंसान, बुरा करे वो हैवान

भलाई करना भगवान का काम है और काम बिगाड़ना राक्षसों का।  इस मामले में दुनिया में मनुष्यों की कुल दो प्रकार की प्रजातियां ही मानी जानी चाहिएं। जो लोग नेक-नीयत रखते हुए ईमानदारी से काम करते हैं, परिश्रम से प्राप्त कमाई से जीवन चलाते हैं और दूसरों की भलाई के कामों में किसी न किसी रूप में हाथ बँटाते हैं, ... Read More »