Monthly Archives: July 2017

परिपूर्णता के लिए जरूरी है महाशून्य

बात किसी भी प्रकार की ऊर्जा की हो, पदार्थ या विचारों की, इनका पूर्ण सदुपयोग तभी संभव है कि जब इनकी उपलब्धता परिपूर्ण अवस्था में हो। आधे-अधूरे, रिसते रहने वाले या आंशिक रिक्त पात्र में पूर्णता की कल्पना नहीं जा सकती। परिपूर्णता हर कोई चाहता है तभी तो उसे औरों की आवश्यकता पड़ती है। इसके लिए दूसरे ध्रुव की तलाश ... Read More »

बचें महादरिद्र योग से – असुरों के अवतार हैं पीक-थूँक पसारने वाले

आज हर तरफ वास्तु शास्त्र और वास्तु दोषों की चर्चा छोटे से छोटे मोहल्ले, गली, गाँवों और कस्बों से लेकर शहरों तथा महानगरों तक हो रही है। जिस अनुपात में वास्तु दोषों की चर्चा हो रही है उसी अनुपात में वास्तुविदों और वास्तु ज्योतिषियों की भरमार भी है और नई-नई फसलें भी पैदा हो रही हैं। वास्तु के नाम पर ... Read More »

साधना देती है भोग-विलास

किसी भी इच्छा की पूर्ति के लिए साधना-भक्ति की जाए, उसका फल अवश्यमेव प्राप्त होता ही है।  साधना की तीव्रता, संकल्प की दृढ़ता और साधना से प्राप्त होने व संचित होने वाली ऊर्जा के घनीभूत होने के स्तर पर साधना का फल निर्भर करता है। यह सारा घनत्व जितना अधिक प्रगाढ़ होगा उतना साधना से प्राप्त होने वाला फल और ... Read More »

भरने दो पाप का घड़ा

बहुत सारे हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि इन लोगों ने अति कर दी है, फिर भी भगवान देख नहीं रहा, खुले साण्डों की तरह घूमते हुए सब कुछ चर रहे हैं या हिरणियों की तरह कुलाँचे भरती हुई दुनिया को भ्रमित भी कर रही हैं और नचा भी रही हैं। अच्छे लोग भरपूर मेहनत के बाद भी ... Read More »

भूत-प्रेत बनते हैं कल पर टालने वाले

हमारे जीवन की समस्याओं, अभावों और दुःखों के लिए न भगवान दोषी है, न अपने पुरखे, और न ही दूसरे लोग या भाग्य। अपनी सारी समस्याओं के लिए केवल और केवल हम ही दोषी हैं और इस दोष का निवारण किए बगैर हम मौत आने तक सुख और आनंद का अनुभव नहीं कर सकते। पर हमारी समस्या यह है कि ... Read More »

बच के रहियो आदमी की जात से

सामाजिक प्राणी के रूप में सदियों से अपनी पहचान रखने वाला इंसान आज जितना असामाजिक होता जा रहा है उतना पिछली सदियों में कभी नहीं देखा गया। इंसान होने का अर्थ है इंसानियत से परिपूर्ण होना और दुनिया भर के दूसरे सभी प्राणियों के लिए संरक्षक, पालक और प्रगतिकारी धर्म निभाना। लेकिन आज का इंसान इस कसौटी पर खरा उतरने ... Read More »

न शिव की समझ है, न सावन की

इन दिनों चारों तरफ शिवोसपाना की गूंज है। शिव कल्याणकारी देव हैं जिन्हें हर क्षण हमें भजना चाहिए लेकिन हमने सारे देवी-देवताओं को वार, महीनों और उत्सवों में बाँट दिया है ताकि साल भर उनके नाम कुछ करने की नियमित जिम्मेदारी से बचे रह सकें। सोमवार, श्रावण मास, मंछाव्रत चतुर्थी, शिवरात्रि आदि को हमने  शिवजी के लिए आरक्षित कर रखा ... Read More »

अप-डाउन मुदमंगलकारी

कुल जनसंख्या में खूब सारे लोग हैं जो काम-धन्धों या नौकरी के लिए रोजाना अप-डाउन करते हैं और इनका रोजमर्रा का काफी कुछ समय अप-डाउन करते हुए  सफर में ही व्यतीत होता है। बहुत से ऎसे भी हैं जिनकी जिन्दगी का अधिकांश समय अप-डाउन में ही गुजर जाता है। सरकारी और निजी सभी प्रकार के काम-धंधों और नौकरियों वालों के ... Read More »

वृक्षारोपण से पाएं सुख-समृद्धि, यश-कीर्ति एवं दीर्घायु

जीवन की तमाम समस्याओं से मुक्ति चाहें तो आज हरियाली अमावास्या से लेकर महीने भर के भीतर अपनी जितनी आयु है, उतने पेड़ निष्काम भाव से लगाएं और उन पेड़ों को भगवान भोलेनाथ के नाम समर्पित कर दें। दीर्घायु और यशस्वी जीवन का आनन्द पाना चाहें तो अपने ग्रह-नक्षत्र से संबंधित पेड़ लगाएं और उनका सुरक्षित पल्लवन कर बड़े करें। जैसे-जैसे ... Read More »

अमावास्या के अनुभूत प्रयोग – आभामण्डल से हटाएं नकारात्मकता

लगातार लम्बे समय से शरीर भारी-भारी लग रहा हो, इच्छा होने के बावजूद काम में उत्साह न आ रहा हो, निराशा और निरुत्साह की स्थिति हो, बेवजह गुस्सा आता हो, किसी भी प्रकार की बीमारी या संकट का अहसास हो रहा हो तब यह उपाय कर लें। इससे शरीर का भारीपन दूर हो जाएगा, रोग से मुक्ति मिलेगी और अपने ... Read More »