Monthly Archives: May 2017

टोटका – बोस को यों दिखाएं आईना

बोस कैसा भी कमीन हो, सीधा हो जाएगा किसी नालायक, व्यभिचारी भ्रष्ट और बेईमान-बदतमीज स्त्री या पुरुष बोस से परेशान हैं तो यह टोटका करें। जिस किसी कागज पर अपने ऎसे किसी नालायक बोस के हस्ताक्षर अंकित हों, उसके हस्ताक्षरों को लाल स्याही से इक्कीस से ज्यादा घेरे बनाते हुए यह भावना करें कि बोस रस्सियों से जकड़ा जा रहा ... Read More »

सब कुछ है पराया

इंसान के रूप में उसी का जीवन सफल है जो अपनी शुचिता, मौलिकता और स्वत्व को बनाए रखता है। जिस इंसान का बीज मौलिक है, परंपराओं और जड़ों से जुड़ा हुआ है तथा जिसका मन, मस्तिष्क और जिस्म विजातीय द्रव्य-तत्वों से मुक्त है उसी की ताकत से वह जीवन लक्ष्य में आशानुरूप सफल हो पाता है। इन सभी को हम ... Read More »

बदस्तूर जारी है भूत-प्रेतों की सियासत

पुरानी कहानियों से लेकर आज तक यह चर्चा रह-रहकर आम होती रहती है कि अमुक किले में भूतों का डेरा है और उनमें से कई किले ऎसे हैं जहाँ कोई दिन में भी नहीं जा सकता तथा बहुत सारे ऎसे हैं जहाँ रात को कोई ठहर नहीं सकता। लोग मानते हैं कि इनमें अच्छी-बुरी आत्माओं के डेरे हैं और वे ... Read More »

जी उठी हैं कठपुतलियाँ, उछालें मार रहे कठपुतले

किसी जमाने में जब श्रव्य-दृश्य के आज की तरह संसाधन नहीं थे तब कठपुतलियां ही मनोरंजन और संदेश से लेकर सम सामयिक हालातों का दिग्दर्शन कराती थी। कठपुतलियां और कठपुतले उन दिनों मनोरंजन के महा पात्र हुआ करते थे और भीड़ भी खूब जुटती थी।  काठ की इन पुतलियाें को आज के टीवी, सिनेमा, मोबाइल और दूसरे सारे साईबर एवं ... Read More »

पीएम के स्वच्छ भारत मिशन में अद्भुत कमाल कर दिखाया राजसमन्द की बेटियों ने

अभावों से जूझ रही दो बहनों ने लहराया बदलाव का परचम नियति की छाती पर सवार होकर मुँह बोला महिला सशक्तिकरण   पिता का साया सर से उठ गया। कैंसर से ग्रस्त विधवा माँ का उदयपुर और अहमदाबाद में ईलाज चल रहा है।  परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है इस वजह से दोनों बहनें मिलकर सिलाई का काम करती ... Read More »

उपेक्षा करें कमीनों की

  असुरों की सबसे बड़ी विजय है दैव वंश का प्रभावित और प्रतिक्रियावादी हो जाना। लोग हमें भटकाने – भड़काने की कोशिश करते रहते हैं और यही चाहते हैं कि हम अपने श्रेष्ठ कर्म को छोड़कर भटक जाएं। जो कुछ कर रहा है उसे करने दो। उस तरफ ध्यान देने का अर्थ है कि हम उसे गंभीरता से ले रहे ... Read More »

वास्तु चर्चा – बाथरूम रखें साफ-सुथरा, गंधमुक्त

जिस घर के बाथरूम से बदबू आती रहती हो, रसोईघर में झूठन पड़ी रहती हो, रात के समय झूठे बर्तन बिना माँजे पड़े रहते हें, वह घर वास्तु शास्त्र के हिसाब से कितना ही श्रेष्ठ क्यों न बनाया गया हो, वहाँ वास्तुदोष के साथ ही सारे ग्रह-नक्षत्र कुपित रहते हैं और कोई भी देवी-देवता उस घर की ओर झाँकते तक ... Read More »

कुलाचार अपनाएं

साधना, उपासना और भक्ति का मार्ग ऎसा नहीं है कि कोई भी किसी भी मार्ग को अपना ले और उस दिशा में आगे बढ़ जाए। भगवान के शरणागत हो जाने के सिवा जो भी उपासना मार्ग हैं उन सभी की अपनी मर्यादाएं, अनुशासन और निर्धारित प्रक्रियाएं हैं जिन पर चलकर ही उनमें सफलता पायी जा सकती है। अपनी कुल परंपराओं ... Read More »

श्रम दिवस पर विशेष – करें जयगान उनका जो पसीना बहाते हैं

श्रमिक वही है जो पसीना बहाता है अथवा जिसे पसीना बहाना आता है। जो पसीना नहीं बहा सकता वह असली इन्सान भी नहीं हो सकता। पसीना उसी का बह सकता है जो ईमानदारी और निष्ठा से पुरुषार्थ करता है। शरीर के अंग-प्रत्यंगों से काम लिए बिना पसीना बह नहीं सकता। यही कारण है कि लोग बोरों की तरह भरे-भरे होते ... Read More »

बहुरूपिये बाहुबलियों का पूरा संसार रहता है हमारे इर्द-गिर्द

रोजाना इतने सारे बाहुबलियों की भीड़ से रूबरू होते रहे हैं कि बाहुबली देखने की जरूरत ही नहीं पड़ती।  हमारे आस-पास के बाहुबलियों में इतनी अधिक ताकत है कि वे अपने बाहुओं का कमाल दिखाते हुए इंसानियत, सिद्धान्तों, आदर्शों, मूल्यों और सज्जनों तक की बलि चढ़ा देने से पीछे नहीं रहते।  मुद्राबली, कामबली, मूर्खताबली, पदबली, प्रतिष्ठाबली, मक्कारबली, धूर्तबली आदि का ... Read More »