Monthly Archives: March 2017

गरिमामय सेवानिवृत्ति : गरिमामय सेवाओं का पूर्णाहुति उत्सव

जब तक हमारा कर्म सेवा के रूप में अपनी पहचान बनाता रहता है तभी तक सेवाओं के साथ गरिमामय, गौरवशाली और उत्कृष्ट शब्दाें के विशेषज्ञ स्वाभाविक रूप से जुड़े हुए रहते हैं। सेवा अपने आप में ऎसा सकारात्मक ऊर्जा भरा और शुचितापूर्ण शब्द है जिसका स्मरण करते ही मन में निष्काम मदद, परोपकार और लोकमंगल की भावनाओं का संचरण होने ... Read More »

गरीबों और जरूरमन्दों से करें अपनी तुलना

बहुत से लोग हैं जो अपने आपे में नहीं हैं। एक बार किसी बाड़े में क्या घुस गए, अपने आपको जमींदार, ठेकेदार और मालिक समझ बैठे हैं जैसे कि इनके बाप-दादा इन्हीं के लिए ये सल्तनत छोड़ गए हों। आदमी का अपना खुद का वजूद ज्यों-ज्यों खत्म होता जा रहा है त्यों-त्यों वह किसी न किसी बाहरी पॉवर या प्रतीक ... Read More »