Monthly Archives: February 2017

चमत्कारिक महामंत्र है – ॐ नमः शिवाय

महाशिवरात्रि पर और कुछ न कर सकें तो केवल ॐ नमः शिवाय के जप कर लें। साधना के तौर पर जितने अधिक समय तक सहजतापूर्वक बैठ सकते हैं उतने समय बैठकर इस मंत्र की माला करें। यह पंचाक्षरी मंत्र अपने आप में बड़ा ही प्रभावशाली है। बैठकर न कर सकें तो अपने कामकाज करते हुए निरन्तर इस मंत्र का जप ... Read More »

भारी पड़ेगी गधों की बेकद्री

गधों के बारे में इन दिनों महान भारत देश में सभी जगह चर्चाओं का जो दौर चल रहा है उसे देख लगता है कि गधे अब गधे नहीं रहे, पवन वेग से उड़ने वाले घोड़ों से भी अधिक प्रतिष्ठा पाते जा रहे हैं। गधों को भी अपेक्षा नहीं थी कि वे वैश्विक लोकप्रियता और सार्वजनीन लोकमान्यता इतनी प्राप्त कर लेंगे ... Read More »

अथ गर्दभ रागः

गधे जिन्दाबाद – गधे अमर रहें – गधागिरि के मंत्र गूंजते रहें गधे अनाम जिन्दगी जीते हुए बेगारी में रमे रहते हैं। उन्हें अन्त तक पता नहीं चलता कि वे किस युग में जी रहे हैं, इसलिए आज तक कोई सा युग गधों के नाम पर नहीं रहा। पर इतना जरूर है कि हर युग में गधों को पावन स्मरण ... Read More »

लोकमंगल का आदर्श है शिवभक्ति

शैव परम्परा, शिवभक्ति और शिव महिमा सभी में शिव के सम्पूर्ण कल्याणकारी स्वरूप को दर्शाया गया है। अर्थात शिव अकेले एकमात्र देवता हैं तो सब कुछ करने में समर्थ हैं। इंसान ही नहीं बल्कि देव भी जब सब कुछ करके थक-हार जाते हैं तब शिवजी की शरण पाते हैं और उन्हीं की आराधना करते हुए प्रसन्न कर वह सब कुछ ... Read More »

आजमाएं इस करिश्माई मंत्र को

चमत्कारिक है यह मंत्र – स्मरण शक्ति बढ़ाता है, जादुई आवाज देता है प्रातःकाल बिना किसी से बोले निम्न मंत्र का मात्र तीन बार जप कर लें तो जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन अपने आप दिखेगा। इससे स्मरण शक्ति बढ़ने के साथ ही सदैव तर्क में विजय होगी और हमारा एक-एक शब्द जबर्दस्त रूप से प्रभावशाली होगा। शर्त यह है कि ... Read More »

सिर्फ हौव्वा है कालसर्प

ज्योतिष शोध संकाय उदयपुर के निदेशक एवं जाने-माने ज्योतिर्विद श्री रमेशचन्द्र जी. पंड्या ने कालसर्प पर बेबाक और बेहतरीन शोधपरक विचार रखे हैं। कालसर्प के बारे में जानकारी पाने के साथ ही चिन्तन, मनन और मंथन के लिए उनके विचार अविकल इस प्रकार हैं – ऎसा प्रत्येक व्यक्ति जिसे भूगोल का सामान्य सा भी ज्ञान है वह इस तथ्य से ... Read More »

जीवन में आनन्द भर देता है स्वर विज्ञान

नाक से निकलने वाली साँस तय करती है हमारा  भविष्य स्वर विज्ञान अपने आप में दुनिया का महानतम ज्योतिष विज्ञान है जिसके संकेत कभी गलत नहीं जाते। शरीर की मानसिक और शारीरिक क्रियाओं से लेकर दैवीय सम्पर्कों और परिवेशीय घटनाओं तक को प्रभावित करने की क्षमता रखने वाला स्वर विज्ञान दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण है। ... Read More »

हर कहीं पड़ता है ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव

भारतीय संस्कृति आदि परंपरा में ज्योतिष का स्थान सदैव अहम् रहा है। इसे विज्ञान और शास्त्र का दर्जा दिया गया है। ‘यथा पिण्डे तद् ब्रह्माण्डे’ के अनुसार इन दोनों में संबंध रहा है। ब्रह्माण्ड में जो-जो परिवर्तन होते हैं, उसका किसी न किसी रूप में आंशिक या पूर्ण रूप से प्राणी मात्र पर असर होता ही है। इसी का परिणाम ... Read More »

उसी वार को घर न लौटे

एक पुरानी कहावत है – अट्ठा मतलब कट्ठा, सब कुछ होवे खट्ठा। इसका संकेत यह है कि जिस वार को यात्रा आरंभ करें, उसी वार को घर वापिस नहीं लौटें।  एक दिन आगे-पीछे कर लें। लोक परम्परा के जानकारों के अनुसार जिस वार को घर से निकलकर कहीं यात्रा पर जाएं, उसी वार को वापस अपने घर लौटने पर मृत्यु ... Read More »