Monthly Archives: November 2016

गंभीर चर्चा – कुछ नया करें, तब करें नामकरण

किसी भी पुराने स्थान, स्मारक, मार्ग, चौराहा, गांव, शहर, जलाशय, कूप-बावड़ी या किसी भी तरह की परंपरागत भौतिक संपदा का किसी और के नाम से नामकरण करना हमारे पूर्वजों, पुरातन भामाशाहों, निर्माताओं और सृजनकर्ताओं को भुलाने के सायास षड़यंत्र के साथ ही उनका घोर अपमान है। और सरासर नाम-अतिक्रमण है। आजकल यह परिपाटी बन गई है कि लोग वादों और ... Read More »

अनूठा व्यक्तित्व – – – रोशनी से वंचित, पर सुनहरा ताना-बाना बुनने में माहिर

दृष्टिहीनता पर हावी है अनूठा हुनर         किशोरावस्था में ही नियति ने मेवाड़ के इस शख्स की आँखों की रोशनी छीन ली मगर हुनर, जिजीविषा और अदम्य आत्मविश्वास की रोशनी ने इसके व्यक्तित्व को ऎसा निखार दिया कि आज वह हस्तकलाओं के क्षेत्र में अपना नाम कमा रहा है। यह बात है उदयपुर शहर के जगविख्यात जगदीश मंदिर ... Read More »

महाराणा प्रताप का वैश्विक गौरवगान करेगा प्रताप गौरव केन्द्र

महाराणा प्रताप का वैश्विक गौरवगान करेगा प्रताप गौरव केन्द्र  प्रातः स्मरणीय वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के अलौकिक व्यक्तित्व और शौर्य-पराक्रम की जाने कितनी गाथाओं से भरपूर ऎतिहासिक कर्मयोग से देश-दुनिया को परिचित कराने की दिशा में मेवाड़ के लिए एक नए युग का उदय होने जा रहा है जब राष्ट्रीय तीर्थ प्रताप गौरव केन्द्र का 28 नवम्बर 2016, सोमवार को ... Read More »

पुण्य क्षय का संकेत है वंशजों में दरार

कुल-कुटुम्ब सौहार्द और संगठन का परिणाम है और इसमें उत्तरोत्तर विस्तार एवं सुदृढ़ता के साथ समृद्धि पाना इस बात का द्योतक है कि पूर्वजों के साथ वर्तमान पीढ़ी का भी पुण्य प्रभाव बढ़ रहा है और पुरानी पीढ़ी के अनुपात में पुण्य का दौर निरन्तर बना हुआ है। हालांकि ऎसा बिरले परिवारों में ही हो पाता है और वे भी ... Read More »

परखें मानवीय संवेदनाएँ

नोटबंदी से पसरा हुआ मौजूदा माहौल समाज और देश की अस्मिता से जुड़ा वह मुद्दा है जो भारतीय संस्कृति, सभ्यता और देश की एकता-अखण्डता से जुड़ा हुआ प्रत्यक्ष असरकारक है। इस बात को वे लोग कभी समझ नहीं पाएंगे जिनके लिए पैसा ही परमेश्वर है और पैसे कमाना, जमा करना तथा पराये पैसों पर मौज उड़ाना ही जिनकी जिन्दगी है। ... Read More »

जुड़े रहें जड़ों से

आधार के बिना सब कुछ निराधार है। यह आधार अपने आप में वह शाश्वत मंच है जिससे जुड़े रहकर हम केन्द्र का सामीप्य और सान्निध्य पाते हुए खुद को हमेशा ऊर्जित और ताजगी भरा महसूस करते हैं और उसी की ताकत से जीवन क्रम को आनंद भाव के साथ आगे से आगे बढ़ाते हुए मस्ती पाते हैं, मौज उड़ाते हैं। ... Read More »

भौंकने लगे हैं बहुरूपिये और नौटंकीबाज

  प्रकृति के बीच जीते हुए एक जमाने में इंसान को देखकर इंसान खुश होता था, उत्साह के अतिरेक में भर आतिथ्य-सत्कार में रमता हुआ अपने आपको लुटा दिया करता था और अतिथियों या आगंतुकों को खुश देखकर खुद प्रफुल्लित हुआ करता था। और अब, एक आदमी दूसरे से तभी बात करता है जब सामने वाला कुछ लाभ देने या ... Read More »

वरना लुट जाएगा सब कुछ

करेंसी बदलने से आहत और व्यथित हम सभी लोगों ने इन दिनों जबर्दस्त हायतौबा मचा रखी है। बहुत कम लोग ही होंगे जो धैर्यवान बने हुए मितव्ययता से दिन काट रहे हैं अन्यथा हर तरफ ऎसा माहौल हो गया है जैसे कि दुनिया खतरे में पड़ गई हो और ऎसा कुछ अनहोना हो गया है जो भूतकाल में कभी नहीं ... Read More »

बाल दिवस पर विशेष – हर दिन हो बच्चों के नाम

दुनिया की तमाम प्रकार की रचनात्मक गतिविधियों की ऎतिहासिक, यादगार और आशातीत सफलता के पीछे जितनी बच्चों की भागीदारी है उसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। ये बच्चे न होते तो हमारे कोई से आयोजन सफल नहीं हो पाते। साल भर में जाने कितने दिवस, पखवाड़े, सप्ताह और माह आते हैं, कितने सारे राष्ट्रीय पर्व, उत्सव, त्योहार और ... Read More »

आँखों के रोग मिटाएं, दृष्टि तेज करें सूर्य उपासना से

सूर्य नेत्रों, बुद्धि और तेजस् के देवता हैं और उनकी उपासना से आँखों के रोग नष्ट होकर नेत्र ज्योति बढ़ती है, बुद्धि का विकास होता है और व्यक्ति का ओज-तेज बढ़ता है। सूर्य प्रत्यक्ष देवता हैं। जो भी व्यक्ति सूर्य की उपासना करता है वह आकर्षक व्यक्तित्व का धनी हो जाता है। संसार में ऎसा व्यक्ति जिस किसी से मिलता ... Read More »