Monthly Archives: October 2016

बिना अपरिग्रह अपनाए व्यर्थ है जीवन

भगवान महावीर के निर्वाण दिवस दीपावली पर्व को जीवन भर के लिए यादगार बनाना चाहें तो आज ही यह संकल्प लें कि जीवन भर अपरिग्रह अपनाएंगे। हमारे इसी एकमात्र संकल्प को आत्मसात कर हम जीवन और परिवेश की तमाम समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं। दुनिया की तमाम समस्याओं, भ्रष्टाचार, तमाम तरह की अपेक्षाओं से परिपूर्ण जिन्दगी, रिश्वतखोरी और आसक्तिपूर्ण ... Read More »

चिढ़ाती है दिवाली

दिवाली की व्यापक चकाचौंध, मुद्राओं का बरसाती बाढ़-प्रवाह, चेहरों से लेकर घर-प्रतिष्ठानों का अनुपम सौंदर्य निखार, जात-जात के आधुनिक संसाधनों, आरामतलबी देने वाली मशीनों और बाजारों की सजावट, सोने-चाँदी के गहनों और मुद्राओं के साथ लक्ष्मी पूजा, कानफोडू आतिशबाजी कर दूर से मजा लेने वाले अति उत्साही लोगों का ज्वार और गुलजार बाजारों की रोशनी के बीच हिलोरें लेता जनप्रवाह। ... Read More »

मेरीयू

आळ  दीवारी काळ दीवारी पमने दाड़े मेरीयू …. राजा रामचन्द्रजी नू मेरीयू दुनिया भर के अद्वितीय अर्ध स्वयंभू शिवलिंग का गौरव रखने वाले बांसवाड़ा के महालक्ष्मी चौक स्थित भगोरेश्वर शिवालय में मेरीया दर्शन की रस्म Read More »

निन्दा प्रस्ताव – यूएनओ को ऎसा नहीं करना चाहिए

हम सभी परम सेकुलरों के लिए इस बार की दीपावली अच्छी नहीं रही। संयुक्त राष्ट्र संघ भी दीपावली मनाने लग गया है। यह हमें कतई अच्छा नहीं लगा। रोशनी का पर्व और हर तरफ रोशनी को  देख कर हमारी आंखे चुँधियाने लगी हैं। यह रोशनी का समन्दर हम सभी सेकुलरों के लिए सरासर अपमान है। ऎसा नहीं होना चाहिए। हम ... Read More »

सौभाग्यदायी हैं छिपकली के दर्शन

दीवाली विशेष वागड़ की अनूठी दीवाली परंपरा – दीपावली के दिन छिपकली के दर्शन सौभाग्यदायी होते हैं।  प्रयत्नपूर्वक छिपकली के दर्शन करें। माना जाता है कि दीपावली की रात छिपकली के दर्शन हो जाने पर साल भर धन की कमी नहीं रहती। Read More »

दीपावली का टोटका – कारगर ईलाज समाज और देश के हित में

यों करें खात्मा इन भ्रष्टाचारियों और हरामखोरों का … बहुत सारे बड़े-बड़े और महान लोग हैं जो समझते हैं कि दुनिया उनकी सेवा-चाकरी के लिए बनी है, उनका दासत्व स्वीकार करते हुए मनचाहे शोषण और क्षरण के लिए बनी है और इन लोगों से कुछ भी मंगवाया जा सकता है, कुछ भी काम करवाया जा सकता है। यों कहें कि ... Read More »

दुष्टबुद्धि लोगों के विध्वंस का प्रयोग

जहाँ कहीं आतिशबाजी होती है और प्रदूषित धूंआ निकलता है उस समय अपने शत्रुओं और अपने इलाके के दुष्ट लोगों का नाम लेकर उनके समूल विनाश की कामना से प्रार्थना करें। धमाकों और धूंए के आसमान की ओर बढ़ते समय शत्रु के नाम के साथ ‘‘हूं फट् ’’ लगाते हुए जप करते रहें। इससे शत्रुओं और दुष्टबुद्धि लोगों के विरूद्ध ... Read More »

रावण से जुड़ी अनूठी तंत्र क्रिया देती है बरकत

रावण दहन कई तांत्रिक क्रियाओं से भी जुड़ा हुआ है।  जानकारों की मानें तो रावण दहन के उपरान्त अगले दिन पुतले के दहन में अधजली रह जाने वाली लकड़ियों, बाँस की खपच्चियों को रावण की अस्थियों की तरह माना जाता है। वाम मार्ग के जानकार तांत्रिक लोग इन अधजली लकड़ियों को इकट्ठी कर अपने घर ले जाते हैं और गंगा ... Read More »