Monthly Archives: July 2016

सम सामयिक शोध निष्कर्ष

इंसान के लिए वे सारे लोग दुश्मन हैं जो बिना किसी कारण या आवश्यकता के बेवजह मैसेज-दर-मैसेज की बरसात करते रहते हैं, फालतू की जानकारी का आयात-निर्यात करते हुए कुली या सफाईकर्मी की तरह इनका आदान-प्रदान करते रहते हैं, देवी-देवताओं के नाम पर मैसेज और फोटो की बरसात करते रहते हैं। इन लोगों से न कोई नित्य-नियम या दिनचर्या की ... Read More »

poem – वाह-वाह

आकर्षक नेम प्लेट लगी बेशकीमती गाड़ियां थी लाल-पीली-नीली बत्तियाँ भी जल रही थीं बड़ी शिद्दत से देखा भीतर तो दंग रह गया इंसान की बजाय भेड़ियों का अक्स नज़र आया। Read More »

ये बत्तियाँ किसी काम की नहीं …

बत्तियों से पहचाने जाने वाले लोग अधीश्वर होने के इसी मुगालते में जीते हैं कि दुनिया उनके लिए बनाई गई है और बत्तियों की दुनिया का उन्मुक्त व स्वेच्छाचारी उपभोग करने के लिए केवल वे ही पात्र हैं। खुद को अश्वत्थामा मान बैठे इन लोगों को पता नहीं कि मणि छीन लेने वाले खुद्दार भी इसी दुनिया में हैं और ... Read More »