Monthly Archives: July 2016

जरूरी है अभिव्यक्ति कौशल

ज्ञान, भक्ति और कर्म सभी मामलों में यथासमय यथोचित प्रकटीकरण जरूरी है। अभिव्यक्ति अपने आप में व्यक्तित्व का वह अहम् पहलू है जो हमारे पूरे जीवन और लोक व्यवहार को परिभाषित भी करता है और प्रभावित भी। अभिव्यक्ति के मामले में कई तरफा इंसान सामने आते हैं। लोगों की एक किस्म केवल और केवल काम में विश्वास रखती है उसे ... Read More »

हमसे बेहतर हैं कचरा बीनने वाले

वे लोग कितने अच्छे और भले हैं जो दिन-रात अक्सर सब जगह पाए जाते हैं अपनी पीठ पर बड़े-बड़े बोरों को लादे हुए, इधर-उधर घूमते हुए जहाँ कहीं कचरा, प्लास्टिक और अनुपयोगी सामग्री पर लपक पड़ते और बोरी के हवाले करते हुए दिख ही जाते हैं। इन लोगों की निगाह अधिक इतनी पैनी हुआ करती है कि ये लोग चाहे ... Read More »

बचाएँ आत्म ऊर्जा

‘सेव इनर्जी’ केवल नारा ही नहीं है बल्कि जीवन विज्ञान का वह महत्त्वपूर्ण पक्ष है जो हर किसी को प्रभावित करता है। जीवन भर की संचित साधना और परिश्रम से अर्जित ऊर्जा  को अंतिम समय तक बचाए रखने का हरसंभव प्रयास करना चाहिए क्योंकि जीवन में किस समय किस बड़ी आफत से सामना हो जाए, कब अपने किसी काम के ... Read More »

प्राचीनतम एवं चमत्कारिक देवी तीर्थ जावर माता

दैवी मैया के दरबार में  …. उदयपुर जिले में प्रसिद्ध, प्राचीनतम एवं चमत्कारिक देवी तीर्थ जावर माता। जहाँ के चमत्कारों की गाथाएं बहुश्रुत हैं। कहा जाता है कि देवी के चरणों में किसी भी जानवर को अमरिया कर छोड़ दें, तो इसके बाद चाहे कितने ही बियाबान जंगल में यह जानवर क्यों न चला जाए, शेर-चीते भी उसका शिकार करने ... Read More »

खान-पान में बाल आना दोष का संकेत

खाने-पीने में बाल आना शाकिनी दोष है। जिन लोगों के भोजन-पानी में बाल आते हैं उन्हें चाहिए कि करीब आधी रात को सोते समय एक रोटी अपने शरीर से सात बार उतारकर अपने पास के किसी चौराहे पर फेंक दें। पीछे मुड़कर न देखें,  जाते-आते वक्त कुछ न बोलें, चुपचाप रहकर यह कार्य करें। घर आकर हाथ-पांव धो कर सो ... Read More »

खुशहाल रहते हैं पत्नी का सम्मान करने वाले

पत्नी कभी भी पति को नहीं डाँट सकती है। पत्नी की हर डाँट को प्यार मान लेना चाहिए। सारी शंकाएं खत्म। पत्नी की डाँट अपने आप में गहरे प्यार का प्रतीक है। जो पति इसे समझ जाते हैं वे निहाल हो जाते हैं और जिन्दगी भर आनंद में रहते हैं। जो नहीं समझ पाते हैं उनका भगवान भी कुछ नहीं ... Read More »

ये मणिधारी भुजंग !

रविवारीय सोच-विचार सच में बड़ा ही मुश्किल हो गया है कामचोरों से काम लेना। ये सारे निकम्मे चाहते हैं कि बैठे-बैठे खान-पान, पैसा-टका, भोग-विलास और सब कुछ मिलता रहे, कोई पुरुषार्थ नहीं करना पड़े और रोजाना टाईमपास होता रहे।  संस्थानों, समाज, क्षेत्र और देश के लिए सबसे बड़े नासूर हैं ये कामचोर। फिर अब तो इनकी देखादेखी दूसरे लोग भी ... Read More »

बरकत चाहें तो पेड़-पौधे लगाएँ

खुशहाली और सुकून हर कोई चाहता है। यह सुकून पिण्ड से ब्रह्माण्ड तक के सभी प्रकार के कारकों को प्रभावित करता है और इनसे प्रभावित भी होता है। पंचतत्वों से रचित सृष्टि का हर तत्व परिपूर्णता पाने पर चरम आनंद और उपयोगिता दोनों को बरकरार रखता है और इसका शाश्वत असर दीर्घकाल तक बना रह सकता है। प्रकृति का जितना ... Read More »

अन्दर-बाहर एक रहें तभी रहेगा ओज-तेज

जो जैसा है उसे वैसा ही रहना चाहिए ।  जो अंदर से जितना अधिक शुद्ध चित्त होता है वह  उतना अधिक प्रभावशाली होता है।बचपन जैसी शुद्धता और बाल सुलभ स्वभाव यदि हमारे जीवन में हमेशा बना रहे तो हमारा आकर्षण हमेशा इतना अधिक परवान पर रहे कि हमें अपने आपको ऊँचा दिखाने और खुद को लोकप्रिय और महान साबित करने ... Read More »