Monthly Archives: April 2016

कलह देते हैं काँटे

परिवेश का व्यक्ति और समुदाय पर खूब फर्क पड़ता है। परिवेश की हवाएँ और स्थितियाँ हर किसी को प्रभावित करती रहती हैं। आस-पास के हालातों से हर कोई किसी न किसी रूप में प्रभावित होता ही है चाहे वह मानव हो या पशु या फिर पेड़-पौधे।  जिन क्षेत्रों में घर या प्रतिष्ठान के आस-पास अथवा गाँव-शहर में जहाँ-तहाँ काँटों के ... Read More »

चुनौतीपूर्ण है पदीय गरिमा बनाए रखना

हम जो हैं वही दीखें यह मौलिकता है जबकि हम जो हैं वैसे न दिखें और इसकी बजाय हमारे दूसरे चेहरे दिखें तो इसका यही अर्थ है कि हम अपनी मौलिकता को त्याग बैठे हैं और सांसारिक आडम्बरों के इन्द्रधनुषों ने हमें इतना घेर लिया है कि हम हमारी पहचान भुला चुके हैं और बाहरी आवरणों ने हमें घेर लिया ... Read More »

छंटनी चाहिए इनकी गर्मी

गर्मियाँ हर साल आती हैं, चली जाती हैं, पर हम सब मस्ती से टिके हुए हैं। साल दर साल गर्मियाँ भयावह होती जा रही हैं। इंसान से लेकर मवेशी, पक्षी सब परेशान हैं। जमीन पर रहने वाले भी हैरान हैं और जमीन के अंदर रहने वाले भी। आकाश में उड़ने वाले भी त्रस्त हैं और उथले पानी के जीव भी। ... Read More »

सावधान रहें श्रेय लूटने वालों से

आजकल काम करने वालों से अधिक संख्या में वे लोग हैं जो कि हर काम का श्रेय लूटने वाले हैं। ये लोग पुरुषार्थ की बजाय औरों के काम के श्रेय पर डकैती डालने में माहिर हैं। कुछ लोगों की यह किस्म ही ऎसी है कि जो उन सभी कामों का श्रेय चुरा लेती है जिन कामों से उनका कोई संबंध ... Read More »

जरूरी हैं धर्मशालाएँ

किसी जमाने में लोग कम हुआ करते थे और दानी-मानी लोगों की संख्या भी कोई कम नहीं थी। वे लोग गांवों-शहरों और कस्बों में धर्मशालाएं बनवाते थे जो आम लोगों के लिए काम आती थी। यह काम सेवा-परोपकार को साकार करने के साथ ही पीढ़ियों तक पुण्य भी देता था। निष्काम सेवा भावना से किया गया यह परोपकार इतना कालजयी ... Read More »

पाखण्ड ही है ऎसी भक्ति

भक्ति अपने आप में किसी अथाह महासागर से कम नहीं है। हर कोई अपने-अपने हिसाब से भक्ति करता है। सबके अपने-अपने भगवान हैं जिनसे वह सब कुछ चाहता है और मनोकामनाएं पूरी करने के लिए प्रार्थनाएं करता है।हर इंसान की भक्ति के तौर तरीके अलग-अलग हैं और उनका अवलम्बन करता हुआ वह जीवन में आगे से आगे बढ़ना और  सब ... Read More »

लोक जीवन में केसर महकाता है ऋषभदेव मेला

केसरियाजी धाम पर शुक्रवार से दो दिवसीय विशाल मेले की धूम   देश और दुनिया में मशहूर है उदयपुर जिले का ऋषभदेव तीर्थ उदयपुर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर उदयपुर जिला मुख्यालय से दक्षिण दिशा में 65 किलोमीटर दूर अरावली की छितराई हुई वादियों के बीच तीर्थ नगरी केसरियाजी में अवस्थित भगवान ऋषभदेव के इस प्राचीन लोक तीर्थ के प्रति लोगों में ... Read More »