Monthly Archives: March 2016

अभिशप्त रहते हैं पुस्तक चोर

जो वस्तु अपने परिश्रम और कमायी से प्राप्त नहीं है उसे प्राप्त कर लेना अपने आप में चोरी है और यह चोरी जीवन भर हमारा पीछा नहीं छोड़ती। रोजाना कई-कई बार हमें अपनी इस चोरी के पाप कर्म की याद आती है, और हमारा आत्मविश्वास छलनी होता रहता है। संसार में जिस की जरूरत हो उसे मांग कर ली जाए ... Read More »

आलोकित करें अन्तस

संसार में आने के बाद इंसान की पूरी जिन्दगी दुनिया को देखने, जानने और समझने में लग जाती है और पूरी जिंदगी यही सब करने के बावजूद पूरी दुनिया का एकाध फीसदी से भी कम ही आनंद या उपभोग पा सकता है। मनुष्यों में मुण्डे-मुण्डे मतिर्भिन्ना वाली स्थिति होती है। कुछ लोग पूरी दुनिया के बारे में खबर रखना चाहते ... Read More »

गायत्री साधना को समर्पित दिव्य साधक ः बण्डू महाराज

शैव, शाक्त और वैष्णव उपासना धाराओं के साथ ही वैदिक परम्पराओं और प्राच्यविद्याओं का गढ़ रहा राजस्थान का दक्षिणांचलीय जिला बांसवाड़ा धर्म-कर्म के क्षेत्र में पूरे भारतवर्ष में अनूठा स्थान रखता है। पुरातन काल में ऋषि-मुनियों और सिद्ध संतों की तपस्या से अनुप्राणित इस अंचल में प्राचीन काल से संत-महात्माओं और महन्तों की लम्बी श्रृंखला विद्यमान रही है। हिन्दुस्तान का ... Read More »

लोक सेवा की मुरली बजा रहे हैं निष्काम कर्मयोगी 89 वर्षीय युवा पं. मुरलीधर भट्ट

रत्नगर्भा वसुन्धरा बांसवाड़ा आदिकाल से रत्नों को जन्म देती हुई अंचल को धन्य करती रही है। माही, मैया और प्रकृति के इस आँगन में समाज-जीवन के हर क्षेत्र में एक से बढ़कर एक विभूतियों ने अपने कर्मयोग की छाप छोड़ी है। बांसवाड़ा की इस अखूट और अजस्र परम्परा में आज भी कई हस्ताक्षर ऎसे हैं जो समाज को रोशनी देने ... Read More »

न खाएं ऎसा कुछ …

ऎसी कुछ भी खाद्य सामग्री ग्रहण न करें जो किसी की तुली हुई हो। इससे अपना नुकसान होता है। बहुत से शातिर लोग हैं जो अपने पापों और बीमारियों के निवारण के लिए ऎसे प्रयोग करते-करवाते रहते हैं। Read More »

ईश्वरीय वरदान है बेबाक अभिव्यक्ति

किसी भी क्रिया-प्रतिक्रिया, वाणी, स्वभाव या व्यवहार की परिपूर्ण शुद्धता तभी प्रकट हो सकती है जबकि वह पूरी तरह मौलिक हो। हृदय से निकली कोई सी बात यदि सीधी होंठों से बाहर निकलेगी तो वह मौलिकता लिए हुए और शत-प्रतिशत शुद्ध होगी तो ही उसका प्रभाव जगत पर पड़ेगा। हृदय से निकले विचार यदि मस्तिष्क के गलियारों से होकर बाहर ... Read More »

अस्पताल परिसरों में तुलसी वन विकसित हो

सभी प्रकार के अस्पताल परिसरों में तुलसी वन विकसित किया जाना चाहिए। इससे नकारात्मकता और कीटाणुओं के संक्रमण का खतरा कम या समाप्त हो सकता है तथा सकारात्मकता का ग्राफ निरन्तर बढ़ता रहेगा। इस अनुकूल स्थिति का फायदा न केवल मरीजों और उनके साथ आने वालों को बल्कि स्टाफ को भी होगा। डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और सभी संबंधित अधिकारियों-कार्मिकों में सकारात्मक ... Read More »

मरीजों को भा रही हैं जैविक सब्जियाँ

लेकसिटी के अस्पताल में रंग ला रहा है ‘एक्शन उदयपुर’का अनूठा प्रयास  लोक जीवन को सुनहरे आयाम प्रदान करने और परिवेशीय सौन्दर्य का दिग्दर्शन कराते हुए लेकसिटी की आभा को बहुगुणित करने की दिशा में उदयपुर जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे ‘एक्शन उदयपुर’ कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियां अब अपनी रौनक से रूबरू करा रही हैं। शहरी विकास और सौंदर्यीकरण, ... Read More »

आत्मनिर्भर बनाएं आधे आसमाँ को

महिला दिवस पर कल हर तरफ आयोजनों की धूम रही। आज अखबारों में धूम मची हुई है। स्त्री महिमा के नारों की गूंज बनी रही और सारे के सारे लोग साल भर में इस एक दिन स्त्री के विकास, उत्थान और संरक्षण की बातें करते हुए दिखे। पता नहीं हम सभी लोग स्ति्रयों के प्रति आदर-सम्मान, श्रद्धा और प्रेम इस ... Read More »

उदयपुर में आकार ले रहा है राजस्थान का पहला मण्डी यार्ड

उदयपुर में इन दिनों आदिवासियों को उनकी वनोपज का उचित मूल्य दिलाने की सुविधा मुहैया कराने के लिए राजस्थान का पहला लघु वनोपज विशिष्ट मण्डी यार्ड बन रहा है जिससे क्षेत्र के जंगलों और पहाड़ों में वनोपज एकत्रित करने वाले आदिवासियों का जीवन स्तर तेजी से ऊपर उठने लगेगा।वनोपज का उचित दाम दिलाने, संग्रहण व विपणन की केन्द्रीय व्यवस्था सुलभ ... Read More »