सफलता की कहानी – – – रंग ला रही है न्याय आपके द्वार शिविरों की समझाईश – – – राजीनामे से निपटा 26 साल पुराना विवाद

राज्य सरकार की ओर से प्रदेश भर में संचालित राजस्व लोक अदालत अभियान न्याय आपके द्वार के अन्तर्गत संचालित शिविर ग्राम्य समस्याओं से मुक्ति के साथ ही नए-पुराने सभी प्रकार के राजस्व संबंधित विवादों के निस्तारण की दिशा में ऎतिहासिक रिकार्ड कायम करते जा रहे हैं।

इन शिविरों की खास Gogunda--copyबात यह है कि इनमें एक ही छत के नीचे और एक ही दिन में हाथों-हाथ अत्यन्त सरलता और सहजतापूर्वक न्याय मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में इन शिविरों को लेकर लोकप्रियता का ग्राफ निरन्तर ऊँचाइयों को छूने लगा है। इस दृष्टि से न्याय आपके द्वार शिविर ग्राम्यांचलों में उत्सवी उल्लास दे रहे हैं।

शिविरों में अपनी राजस्व संबंधित समस्याओं को लेकर आने वाले लोगों से जिस तरह आंचलिक भाषा शैली में सहजता और आत्मीयतापूर्वक समझाईश की जा रही है, भूमि संबंधित कानूनों की जानकारी देकर समझाया जा रहा है उसी का परिणाम है कि भूमि विवादों से जुड़े हुए वादी और प्रतिवादीगण शिविरों की मंशा को समझकर हाथों हाथ न्याय पाने लगे हैं।

इससे पुरानी कटुता, दुश्मनी और संवादहीनता की स्थितियां दूर हुई हैं और पारिवारिक, सामाजिक एवं आंचलिक लोक जीवन में सहज स्वाभाविक माधुर्य का घनत्व बढ़ता जा रहा है।

इसी प्रकार के पारिवारिक सौहार्द का उदाहरण उदयपुर जिले के गोगुन्दा उपखण्ड क्षेत्र के पदराड़ा में हाल ही आयोजित राजस्व लोक अदालत न्याय आपके द्वार अभियान के शिविर में देखने को मिला जो कि वर्ष 1991 में दायर हुआ लेकिन प्रतिवादी के साक्ष्य में विचाराधीन था।

पटवारी द्वारा समझाईश करने पर पक्षकारान राजीनामें के लिए सहमत हुए तथा मौके पर ही राजीनामा प्रस्तुत हुआ। इससे उनके बीच चल रहा 26 साल पुराना विवाद देखते ही देखते खत्म हो गया।