बजा दो पाञ्चजन्य

अब हो ही जाए आर-पार बर्दाश्तगी की सारी सीमाएँ अब टूट चूकी, सहिष्णुता के सारे बाँध ध्वस्त हो चुके, सहनशीलता के समन्दरों पानी अपने-पराये, बाहरी-भीतरी…

जहाँ वसन्त वहाँ मोयले

मोयले भी आदमी की तरह मौकापरस्त हो गए हैं। आम दिनों में पता नहीं कहाँ दुबके रहते हैं और वसन्त आया नहीं कि सारे के…

यों करें अपनों का परीक्षण

संसार यात्रा में खूब सारे लोग होते हैं जिनके बारे में हमें यह भ्रम बना रहता है कि वे हमारे आत्मीय और शुभचिन्तक हैं तथा…

लक्ष्य को साधें

लोग दिन-रात भागदौड़ कर रहे हैं, जी जान से अपने-अपने लक्ष्यों और इच्छित सफलताओं को पाने मे जुटे हुए हैं, रोजमर्रा की जिन्दगी का अधिकांश…

ये मरे हुए लोग …

जो मरे हुए लोग हैं वे ही न औरों को जीने देते हैं, न खुद ही जी पाते हैं। आजकल अधिकांश लोगों की आत्मा कहीं…

यादगार प्रतापगढ़

प्रतापगढ़ में राउमावि प्राचार्य कक्ष में स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व एवं चिन्तन धाराओं पर वरिष्ठ आरएएस अधिकारी एवं जाने-माने साहित्यकार श्री विजयसिंह नाहटा के सान्निध्य…

वानप्रस्थाश्रम की डगर – शुभकामनाएं

आध्यात्मिक विचारों के पोषक श्री मोहन मेनारिया द्वारा अपनी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर आयोजित ग्राम्य अन्नपूर्णा उत्सव में भागीदारी। भगवान दत्तात्रेय के परम सिद्ध संत भूतगिरी…