न शिव की समझ है, न सावन की

इन दिनों चारों तरफ शिवोसपाना की गूंज है। शिव कल्याणकारी देव हैं जिन्हें हर क्षण हमें भजना चाहिए लेकिन हमने सारे देवी-देवताओं को वार, महीनों और उत्सवों में बाँट दिया है ताकि साल भर उनके नाम कुछ करने की नियमित जिम्मेदारी से बचे रह सकें। सोमवार, श्रावण मास, मंछाव्रत चतुर्थी, शिवरात्रि आदि को हमने  शिवजी के लिए आरक्षित कर रखा ... Read More »

अप-डाउन मुदमंगलकारी

कुल जनसंख्या में खूब सारे लोग हैं जो काम-धन्धों या नौकरी के लिए रोजाना अप-डाउन करते हैं और इनका रोजमर्रा का काफी कुछ समय अप-डाउन करते हुए  सफर में ही व्यतीत होता है। बहुत से ऎसे भी हैं जिनकी जिन्दगी का अधिकांश समय अप-डाउन में ही गुजर जाता है। सरकारी और निजी सभी प्रकार के काम-धंधों और नौकरियों वालों के ... Read More »

वृक्षारोपण से पाएं सुख-समृद्धि, यश-कीर्ति एवं दीर्घायु

जीवन की तमाम समस्याओं से मुक्ति चाहें तो आज हरियाली अमावास्या से लेकर महीने भर के भीतर अपनी जितनी आयु है, उतने पेड़ निष्काम भाव से लगाएं और उन पेड़ों को भगवान भोलेनाथ के नाम समर्पित कर दें। दीर्घायु और यशस्वी जीवन का आनन्द पाना चाहें तो अपने ग्रह-नक्षत्र से संबंधित पेड़ लगाएं और उनका सुरक्षित पल्लवन कर बड़े करें। जैसे-जैसे ... Read More »

अमावास्या के अनुभूत प्रयोग – आभामण्डल से हटाएं नकारात्मकता

लगातार लम्बे समय से शरीर भारी-भारी लग रहा हो, इच्छा होने के बावजूद काम में उत्साह न आ रहा हो, निराशा और निरुत्साह की स्थिति हो, बेवजह गुस्सा आता हो, किसी भी प्रकार की बीमारी या संकट का अहसास हो रहा हो तब यह उपाय कर लें। इससे शरीर का भारीपन दूर हो जाएगा, रोग से मुक्ति मिलेगी और अपने ... Read More »

तुलना करें सज्जनों से

अपार जमीन-जायदाद, उन्मुक्त भोग-विलास, अखूट धन-वैभव और समृद्धि कोई भी प्राप्त कर सकता है, अपने आपको दूसरों के मुकाबले महान, लोकप्रिय और सफल मानना-मनवाना भी संभव है किन्तु सरल, सहज, निष्कपट, उदारमना और जगत के प्रति संवेदनशील होना सभी के बस की बात नहीं है। वैभवशाली होने और महानता के दिखावे करने से कहीं अधिक जरूरी है सज्जन होना और ... Read More »

धन्धा चालु आहे… कौन गुरु – कौन चेला

गुरुओं और चेले-चपाटियों के नाम पर दुनिया में बहुत बड़ी रिलीजिसय इण्डस्ट्री चल रही है। बेचारे असली गुरु हाशिये पर हैं या एकान्त पाने के लिए कन्दराओं का रूख कर गए हैं और जो बचे हुए दिख रहे हैं वे गुरु घण्टालों से कम नहीं हैं। गुरुओं को भीड़ बढ़ाने के लिए चेलों की तलाश है और चेले-चेलियों को अपने ... Read More »

ट्रस्टी बने रहें वरना भूत बन जाएंगे

पूरी की पूरी संसार यात्रा आधिपत्य जमाने के लिए नहीं बल्कि पूर्व जन्मार्जित लेन-देन भरे ऋणों के चुकारे के साथ ही ट्रस्टी के रूप में जीवननिर्वाह के लिए है। जो है, जो हो रहा है और जो होना है वह सब कुछ भगवान का है और उसी के द्वारा चलायमान है। सम्पूर्ण जगत का स्वामी परमपिता परमेश्वर है लेकिन जब ... Read More »

मसखरों की जमात

मुर्दों और जिन्दाओं में और कोई समानता हो न हो, एक समानता तो यह है ही कि दोनों को संगी-साथियों की मौजूदगी और तलाश हमेशा बनी रहती है। मुर्दों को अपने धाम तक पहुंचने के लिए चार-छह जने चाहिएं तो जिन्दाओं को अपने साथ चालीस-पचास लोगों की भीड़ हमेशा चाहिए होती है।  जब से संख्याबल का जमाना आ गयाहै तब ... Read More »

मेवाड़ अंचल के वयोवृद्ध पत्रकार पं. जीवराज शर्मा का सम्मान

पुरानी पीढ़ी के जुझारू, दशकों से पत्रकारिता और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कार्यरत संघर्षशील योद्धा तथा वयोवृद्ध पत्रकार पं. श्री जीवराज शर्मा का राजसमन्द में आध्यात्मिक चिन्तक एवं प्राचीन तंत्र विद्याओं  के सिद्धहस्त, उदासीन धूंणा, लालबाग नाथद्वारा के महंत श्री बाबा रामदास महाराज एवं दूरस्थ सघन वन क्षेत्रों के बीच गोरमघाट स्थित पर्वतसिंह की धूंणी, काजलवास के बाबा बाल ... Read More »

इन्हें करो संग्रहालय के हवाले

कब तक सजाये रखकर शोकेस में इन लोगों को महान मानते मनवाते रहोगे। अर्सा हो गया है अब तो बाहर का रास्ता दिखाओ इन्हें। इंसानों के लिए ही जमीन कम पड़ रही है और हम हैं कि इन र्मूतियों और पुतलों को मंच, लंच और सब कुछ हाजिर करते हुए अपने को धन्य और गौरवशाली मानकर फूले नही समा रहे। ... Read More »